अध्ययन #1 हम परमेश्वर के साथ इस सम्बन्धमें कैसे आते हैं?

प्रार्थना के साथ आरम्भ कीजिए: "हे परमेश्वर, मैं आपसे प्रार्थना करता हूँ कि आप अपने वचन, बाइबल के माध्यम से मुझसे बात करें। मेरे हृदय से बात करें कि जो कुछ आप मुझसे कहना चाहते हैं उसे मैं समझ सकूँ। आमीन।"

निम्नलिखित वचन आपको यह समझने में सहायता प्रदान करेंगे जो कुछ परमेश्वर अब उसके साथ आपकी संगति के बारे में कहता है वह सत्य है। वचन को पढ़ने के पश्चात्, आने वाले प्रश्न जो कुछ वचन कहता है उसे समझने में आपकी सहायता करें।

(प्रत्येक वाक्य के आरम्भ में दिया हुआ अंक "वचनों" की सँख्या को दर्शाता है, और यह एक साधरण अंक प्रणाली है जिसे बहुत समय पहले विश्वासियों को बाइबल के विशेष वाक्य की ओर संकेत करने के लिए सहायतार्थ निर्मित किया गया था।।

यूहन्ना 1
12 परन्तु जितनों ने उसे [यीशु को] ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात् उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं।

प्रश्न – कैसे एक व्यक्ति परमेश्वर की सन्तान बन जाता है?
आप अपने उत्तर को नीचे दिए हुए रिक्त स्थान में टाईप कर सकते हैं और इस अध्याय की समाप्ति पर इसे छाप सकते हैं।

हो सकता है कि आप यह सोचें कि क्योंकि आपने यीशु में विश्वास करना चुना है, तो यह बहुत कुछ एक कार को खरीदने जैसा या किसी एक राजनैतिक विचाराधारा को चुनने जैसा है। परन्तु निम्नलिखित वचन आपको यह दिखाते हैं कि आपके मसीही विश्वासी हो जाने में क्या कुछ सम्मिलित है।

यूहन्ना 15
16 तुम ने मुझे नहीं चुना, परन्तु मैं ने तुम्हें चुना है...

1 कुरिन्थियों 1
9 परमेश्वर सच्चा है, जिसने तुम को अपने पुत्र हमारे प्रभु यीशु मसीह की संगति में बुलाया है।

इफिसियों 1
4 जैसा उसने हमें जगत की उत्पति से पहिले उस में चुन लिया कि हम उसके निकट प्रेम में पवित्र और निर्दोष हों। 5 और अपनी इच्छा के भले अभिप्राय के अनुसार हमें अपने लिये पहिले से ठहराया कि यीशु मसीह के द्वारा हम उसके लेपालक पुत्र हों।

प्रश्न – वचन 2 में, हमें चुनने के पीछे परमेश्वर की क्या प्रेरणा रही है?

इफिसियों 2
4 अपने उस बड़े प्रेम के कारण जिस से उस ने हम से प्रेम किया, 5 जब हम अपराधों के कारण मरे हुए थे, तो हमें मसीह के साथ जिलाया - अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है।

कुलुस्सियों 1
13 उसी ने हमें अन्धकार के वश में से छुड़ाकर अपने प्रिय पुत्र के राज्य में प्रवेश कराया, 14 जिस से हमें छुटकारा अर्थात् पापों की क्षमा प्राप्त होती है।

प्रश्न – जब आप इन वचनों को देखते हैं, वे कौन सी चार बातें हैं जिन्हें परमेश्वर ने आपके लिए किया है?

रोमियों 5
9 अत: जब कि हम अब उसके लोहू के कारण धर्मी ठहरे, तो उसके द्वारा परमेश्वर के क्रोध से क्यों न बचेंगे!

प्रश्न – जब बाइबल यह कहती है कि यीशु ने हमें बचाया है, तो उसने हमें किस से बचाया?

इफिसियों 2
8 क्योंकि विश्वास के द्वारा अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है;और यह तुम्हारी ओर से नहीं, वरन् परमेश्वर का दान है। 9 और न कर्मों के कारण, ऐसा न हो कि कोई घमण्ड करे।

प्रश्न – क्या यह हमारे ऊपर निर्भर है कि हम उद्धार को कमा लें?

प्रश्न – क्या कोई भले कामों को करने के द्वारा उद्धार को प्राप्त कर सकता है?

निष्कर्ष: सारांशित करें कि ये वचन आपके द्वारा मसीही विश्वासी बनने के लिए परमेश्वर के सम्मिलित होने के बारे में क्या कहते हैं:

अब आप अध्ययन #1 को छाप सकते हैं।
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